अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने फैसला सुनाया है कि राज्यों पर पर्यावरण की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन को रोकने का कानूनी दायित्व है, जिससे संभावित रूप से जलवायु क्षतिपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। यह गैर-बाध्यकारी सलाहकार राय स्वच्छ पर्यावरण के मानवाधिकार पर ज़ोर देती है और यह दावा करती है कि इसकी रक्षा करने में विफलता अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इससे प्रभावित राष्ट्र जलवायु प्रभावों से होने वाले नुकसान के लिए उच्च उत्सर्जन वाले देशों पर मुकदमा कर सकते हैं। इस फैसले का जलवायु कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों ने स्वागत किया है, जो इसे जलवायु न्याय और प्रदूषकों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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