चीन का महत्वपूर्ण खनिजों, विशेष रूप से दुर्लभ मृदाओं पर नियंत्रण, हाल ही में हुए अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में एक महत्वपूर्ण सौदेबाजी का हथियार साबित हुआ। दोनों पक्षों ने अमेरिकी उद्योगों के लिए इन खनिजों तक आसान पहुँच से जुड़े समझौते की दिशा में प्रगति का दावा किया है, लेकिन विवरण अभी भी कम हैं। चीन ने कुछ निर्यात लाइसेंस को मंज़ूरी दे दी है, लेकिन अपना निर्यात परमिट सिस्टम बनाए रखता है। इन खनिजों के लिए चीन पर भारी निर्भरता रखने वाले अमेरिका का लक्ष्य घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है, लेकिन इसमें दशकों लगेंगे। इस बीच, चीन के अपने संसाधन कम हो रहे हैं, जिससे विदेशी सुविधाओं में निवेश को बढ़ावा मिल रहा है।
Prepared by Christopher Adams and reviewed by editorial team.
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