कॉलेज फ़ुटबॉल प्लेऑफ़ (सीएफ़पी) अपने भविष्य के प्रारूप को लेकर एक गतिरोध का सामना कर रहा है। ACC और Big 12 16 टीमों के प्लेऑफ़ का प्रस्ताव रखते हैं जिसमें कॉन्फ़्रेंस चैंपियन के लिए 5 स्वचालित स्थान और 11 एट-लार्ज बिड होंगे, जबकि Big Ten और SEC ऐसे प्रारूप का पक्षधर हैं जो खुद को अधिक स्वचालित क्वालीफ़ायर प्रदान करे, संभावित रूप से आकर्षक प्ले-इन गेम बनाए। यह असहमति निष्पक्षता और राजस्व वितरण पर अलग-अलग विचारों से उपजा है, जिसमें Big Ten और SEC के पास महत्वपूर्ण प्रभाव है। सीएफ़पी की कार्यकारी समिति 18 जून को प्रारूप तय करने के लिए मिलेगी, जो कॉन्फ़्रेंस गेम की संख्या को भी प्रभावित कर सकती है। इस निर्णय का कॉलेज फ़ुटबॉल के भविष्य और इसके राजस्व साझाकरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
Prepared by Emily Rhodes and reviewed by editorial team.
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