भारत के संस्कृति मंत्रालय ने सोथेबीज़ हांगकांग और एक ब्रिटिश औपनिवेशिक जमींदार के उत्तराधिकारी को कानूनी नोटिस जारी किया है, जिससे प्राचीन पिपराहवा रत्नों की नीलामी रोक दी गई है। मंत्रालय का दावा है कि माना जाता है कि इन रत्नों में बुद्ध के अवशेष हैं, जो पवित्र हैं और इनकी बिक्री भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती है। 7 मई को होने वाली नीलामी से £9.7 मिलियन की आय होने की उम्मीद है। भारत रत्नों की वापसी, सार्वजनिक माफी और उत्पत्ति का पूरा विवरण मांग रहा है। अनुपालन में विफलता के परिणामस्वरूप भारत और हांगकांग की अदालतों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Prepared by Emily Rhodes and reviewed by editorial team.
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