चीनी डॉक्टरों ने 71 वर्षीय व्यक्ति में आनुवंशिक रूप से संशोधित सूअर का यकृत सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित करके ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन (xenotransplantation) में एक मील का पत्थर हासिल किया है। प्रक्रिया के बाद मरीज 171 दिनों तक जीवित रहा, जिसमें सूअर का अंग 38 दिनों तक कार्य करता रहा। जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी (Journal of Hepatology) में प्रकाशित यह सहकर्मी-समीक्षित अध्ययन, मानव प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों के लिए जीवन रक्षक पुल के रूप में सूअर के यकृत की क्षमता को दर्शाता है, भले ही अंग की जटिलताएँ हों।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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