अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में पाया गया कि हृदय रोगों (जैसे दिल के दौरे और स्ट्रोक) के 99% से अधिक मामलों में कम से कम एक पारंपरिक जोखिम कारक मौजूद था। शोधकर्ताओं ने लाखों मामलों के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें रक्तचाप, रक्त शर्करा, कोलेस्ट्रॉल और धूम्रपान जैसे नियंत्रणीय कारकों के प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों का जोर है कि जीवनशैली में बदलाव या दवाओं के माध्यम से इन कारकों की हल्की वृद्धि को भी संबोधित करने से जोखिम काफी कम हो सकता है और लंबी आयु को बढ़ावा मिल सकता है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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