संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान पर प्रतिबंधों को फिर से लागू करने में देरी के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जिससे उसके परमाणु कार्यक्रम पर "स्नैपबैक प्रतिबंध" प्रभावी हो गए। रूस और चीन के प्रस्ताव को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, ईरान के राष्ट्रपति ने इस फैसले को "अनुचित, अन्यायपूर्ण और अवैध" बताया। पश्चिमी देशों ने राजनयिक प्रयासों की विफलता के कारण प्रतिबंधों पर जोर दिया। पुनः लागू करने से संपत्तियां जब्त हो जाएंगी, हथियारों के सौदे रुक जाएंगे, और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को दंडित किया जाएगा, जिससे इसकी अर्थव्यवस्था पर और असर पड़ेगा और क्षेत्रीय तनाव बढ़ेगा। ईरान ने कहा कि वह प्रतिबंधों के बावजूद परमाणु अप्रसार संधि से पीछे नहीं हटेगा।
Prepared by Lauren Mitchell and reviewed by editorial team.
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