इंटरपोल के 'आइडेंटिफाई मी' अभियान ने सफलतापूर्वक एक रूसी महिला, लिउडमिला ज़वादा की पहचान की, जिसका शव 2005 में स्पेन में मिला था। तुर्की के डेटाबेस में उंगलियों के निशान मिलान और डीएनए विश्लेषण द्वारा पुष्टि की गई पहचान, इस अभियान की तीसरी सफलता है, जिसका उद्देश्य पूरे यूरोप में अज्ञात महिलाओं के शवों की पहचान करना है। शरीर के हिलने-डुलने के साक्ष्य के कारण शुरू में संदिग्ध माने जाने वाले ज़वादा के मामले को 20 साल बाद सुलझाया गया, जिससे उसके परिवार को सुकून मिला और जांच में नए सुराग मिले। यह अभियान डेटाबेस को जोड़ने और पुराने मामलों को सुलझाने के लिए वैश्विक पुलिस सहयोग का लाभ उठाता है।
Prepared by Emily Rhodes and reviewed by editorial team.
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