ईरान ने अपनी परमाणु सुविधाओं पर हुए हमलों की निंदा करने वाले प्रस्ताव को वापस ले लिया, जो अमेरिका की तीव्र पैरवी के बाद अंतिम समय में लिया गया निर्णय था। अमेरिका ने प्रस्ताव पारित होने पर आईएईए के वित्तपोषण में कटौती की धमकी दी थी। यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब यूरोपीय देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को बहाल कर रहे हैं। ईरान का कहना है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, जबकि अमेरिका ने इस्राइल के लिए खतरे का हवाला देते हुए अपने कार्यों का औचित्य बताया है। प्रस्ताव की वापसी से संभावित पराजय से तो बचा जा सका, लेकिन तनाव बना हुआ है।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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