भारत के केरल में दुर्लभ मस्तिष्क-भक्षी अमीबा, नैग्लरिया फाउलरी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। इस वर्ष 70 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लगभग 24.5% मृत्यु दर है, लेकिन बेहतर पहचान और उपचार से बचाव दर में वृद्धि हो रही है। यह अमीबा गर्म मीठे पानी में पनपता है और अक्सर नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करता है। केरल में कुएँ और तालाबों पर निर्भरता और जलवायु परिवर्तन इस समस्या में योगदान करते हैं। जागरूकता और जल सुरक्षा उपायों पर केंद्रित सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान चल रहे हैं, लेकिन इस घातक संक्रमण के प्रसार और उपचार पर नियंत्रण करने में चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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