इस हफ़्ते सीडीसी की वैक्सीन समिति में पाँच नए सलाहकार शामिल होंगे, जिनमें से कुछ के टीके-विरोधी विचार हैं और टीकाकरण का सीमित अनुभव है। हाल ही में वरिष्ठ स्वास्थ्य नेताओं के इस्तीफ़े के बाद यह हुआ है और इससे समिति के बढ़ते टीके-विरोधी रुख को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। नए सदस्यों की नियुक्तियों से सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की आलोचना हुई है, जिन्हें डर है कि समिति टीके तक पहुँच को प्रतिबंधित कर सकती है और मौजूदा सिफ़ारिशों को उलट सकती है, जिससे टीकाकरण कार्यक्रमों और माता-पिता की पसंद पर असर पड़ेगा। खसरा, कण्ठमाला, रूबेला, चिकनपॉक्स, हेपेटाइटिस बी और कोविड -19 टीकों पर आगामी मतदान चिंता का कारण है क्योंकि गलत सूचनाओं के आधार पर नीतिगत परिवर्तन होने की आशंका है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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