यूक्रेन द्वारा रूसी तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे ड्रोन हमलों का रूस के युद्ध प्रयासों पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। 2023 के अंत में शुरू हुए इन हमलों में स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी के ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे रूस की रिफाइनिंग क्षमता का कम से कम 17% हिस्सा बाधित हुआ है, जिसके कारण ईंधन की कमी और कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे क्रेमलिन पर सामाजिक दबाव बढ़ रहा है और रूस की सैन्य रसद बाधित हो रही है। हालाँकि रूस प्रभाव को कम आंकने का प्रयास कर रहा है, लेकिन ड्रोन हमले रूस की अर्थव्यवस्था और युद्ध मशीन को कमजोर करने में प्रतिबंधों की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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