सुप्रीम कोर्ट ने लॉस एंजिल्स में बड़े पैमाने पर होने वाले आव्रजन छापों को अस्थायी रूप से जारी रखने की अनुमति दी है, जिससे निचली अदालत के निषेधाज्ञा को पलट दिया गया है। ट्रम्प प्रशासन के पक्ष में 6-3 के फैसले से ICE एजेंटों को रोक के दौरान जाति, भाषा और पेशे को कारकों के रूप में मानने की अनुमति मिलती है, हालांकि केवल इन्हीं को नहीं। असहमति जताने वाले न्यायाधीशों ने तर्क दिया कि इससे संवैधानिक अधिकारों को खतरा है। लॉस एंजिल्स की महापौर करेन बास ने इस फैसले की खतरनाक और अमेरिका विरोधी बताते हुए आलोचना की है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय केवल एक अस्थायी निरोधक आदेश को संबोधित करता है, जबकि मूल कानूनी चुनौती अभी लंबित है।
Prepared by Lauren Mitchell and reviewed by editorial team.
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