व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की बीजिंग में मुलाकात हुई, जिससे रूस-चीन के मजबूत संबंधों पर प्रकाश पड़ा। दुनिया के दर्जनों नेताओं, जिनमें किम जोंग उन भी शामिल थे, द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार का जश्न मनाने वाले चीनी सैन्य परेड में शामिल हुए। इस आयोजन ने चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और अन्य निरंकुश शासन व्यवस्थाओं के साथ इसके संबंधों को प्रदर्शित किया। पुतिन और शी ने रूस से चीन को प्राकृतिक गैस के आयात को बढ़ाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की अर्थव्यवस्था को बल मिला। चर्चा में यूक्रेन की संभावित यूरोपीय संघ की सदस्यता पर भी बातचीत हुई, जिसमें पुतिन ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। विश्लेषकों ने इस सभा को 'उथल-पुथल का अक्ष' बताया।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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