डॉ. संजय गुप्ता की नई पुस्तक, "इट डज़ंट हैव टू हर्ट," वैकल्पिक दर्द प्रबंधन तकनीकों का पता लगाती है। वे ओपिओइड्स के अति प्रयोग को चुनौती देते हैं, शरीर की प्राकृतिक दर्द-कम करने वाली प्रणाली और दर्द की धारणा में मस्तिष्क की भूमिका को उजागर करते हैं। पुस्तक में विभिन्न तरीकों का विवरण दिया गया है, जिसमें तंत्रिका ब्लॉक, केटामाइन और आभासी वास्तविकता शामिल हैं, जिनका उपयोग पुराने दर्द के इलाज में सफलतापूर्वक किया जाता है। गुप्ता इस बात पर ज़ोर देते हैं कि लाखों लोगों को प्रभावित करने वाला पुराना दर्द, उम्र बढ़ने का एक अनिवार्य हिस्सा नहीं है और इसे विभिन्न तरीकों से प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। उनकी पुस्तक दर्द से पीड़ित लोगों के लिए आशा और व्यावहारिक रणनीतियाँ प्रदान करती है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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