सैकड़ों यमनी, हुती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत पर शोक मना रहे थे, जिनकी मौत इज़रायली हमले में हुई थी। इस हमले से पहले हुती द्वारा इज़रायल की ओर मिसाइल दागी गई थी। सना में हुए अंतिम संस्कार में शोक संतप्त लोगों ने इज़रायल और अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही, हुती ने लाल सागर में एक तेल टैंकर पर हमला किया, जिसमें दावा किया गया कि उसका इज़रायल से संबंध है। टैंकर के मालिक ने नुकसान से इनकार किया। ये हमले इज़राइल-हमास युद्ध में संभावित युद्धविराम और अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के संबंध में अनिश्चितता के बीच हुए। हुती ने संयुक्त राष्ट्र के कार्यालयों पर भी छापा मारा, कर्मचारियों को हिरासत में लिया और सामग्री जब्त कर ली।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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