यमन के साना में एक इज़राइली हवाई हमले में हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और अन्य अधिकारियों की मौत हो गई। हूती ने बदला लेने की कसम खाई और विदेशी कंपनियों को इज़राइल छोड़ने की चेतावनी दी। एक सरकारी कार्यशाला के दौरान हुआ यह हमला उस समय हुआ जब एक हूती नेता गाजा के घटनाक्रम को संबोधित कर रहे थे। इज़राइली सेना ने एक सैन्य स्थल को निशाना बनाने का दावा किया। इस हत्या को हूती के लिए एक गंभीर झटका माना जा रहा है, जो संघर्ष में वृद्धि को दर्शाता है, जिसमें इज़राइल ने बुनियादी ढांचे पर हमले से नेताओं को निशाना बनाने की ओर रुख किया है। यह हाल ही में इज़राइल पर हूती के मिसाइल हमलों और लाल सागर में शिपिंग में व्यवधान के बाद हुआ है।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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