अमेरिका रूस के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगा सकता है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। यह पिछले प्रतिबंधों का अनुसरण करता है, जिसमें रूसी तेल खरीदने पर भारत पर उच्च टैरिफ भी शामिल है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने धमकी दी थी कि अगर रूस शांति वार्ता में सहयोग नहीं करता है तो "बड़े पैमाने पर प्रतिबंध या टैरिफ" लगाए जाएंगे। यूरोपीय संघ पहले ही कई प्रतिबंध लागू कर चुका है, जिससे आगे कार्रवाई के लिए सीमित विकल्प बचे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय संघ के पास अतिरिक्त तेल प्रतिबंधों के लिए बहुत कम जगह है।
Prepared by Lauren Mitchell and reviewed by editorial team.
Comments