यूक्रेन द्वारा हाल ही में रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर किए गए तीव्र हमलों ने उसकी तेल शोधन क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उसके कुल उत्पादन का लगभग 17% (प्रतिदिन 11 लाख बैरल) प्रभावित हुआ है। रिफाइनरियों, तेल डिपो और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों से रूस की तेल प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता बाधित हो रही है, जिससे क्रीमिया सहित कई क्षेत्रों में कमी आ रही है। यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (SBU) और सैन्य खुफिया (HUR) ने कुछ हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिसका उद्देश्य रूस के तेल और गैस व्यापार को निशाना बनाकर उसके युद्ध कोष को कम करना है। ये हमले रूस में पेट्रोल की बढ़ती घरेलू मांग के साथ मेल खाते हैं, जिससे मौजूदा कमी बढ़ रही है और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें और राशनिंग हो रही है।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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