विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक नई रिपोर्ट जलवायु परिवर्तन के कारण कार्यस्थल पर बढ़ती गर्मी के तनाव के खतरों का खुलासा करती है। बढ़ते तापमान से दुनिया भर में लाखों श्रमिकों को हीट स्ट्रोक और किडनी फेल होने जैसे स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिकों से अनुकूलन रणनीतियों पर सहयोग करने का आग्रह करती है, जिसमें 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर प्रत्येक डिग्री सेल्सियस पर 2% उत्पादकता में गिरावट को उजागर किया गया है। निर्माण और कृषि श्रमिक विशेष रूप से कमजोर हैं। कुछ यूरोपीय देश पहले से ही तेज गर्मी के दौरान कार्य निलंबन जैसे उपायों को लागू कर रहे हैं, जो वैश्विक कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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