अलास्का शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रम्प और पुतिन के बीच हुई मुलाकात से यूक्रेन के लिए कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, जिससे युद्ध के अंत की उम्मीद लगाए बैठे कई यूक्रेनी निराश हुए। विशेषज्ञों ने इस बैठक को पुतिन की पीआर जीत के रूप में देखा, जिससे उनके शासन को वैधता मिली और अंतर्राष्ट्रीय अलगाव कम हुआ। ज़ेलेन्स्की के साथ त्रिपक्षीय बैठक पर चर्चा हुई, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि मास्को और वाशिंगटन के बयानों में अंतर है। चिंताएँ हैं कि यूक्रेन पर क्षेत्र छोड़ने के लिए दबाव बढ़ सकता है। पुतिन के साथ लाल कालीन स्वागत ने यूक्रेनी गुस्से और आक्रोश को और बढ़ा दिया।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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