आर्कटिक क्षेत्र में बारहसिंगों की आबादी में जलवायु परिवर्तन के कारण भारी गिरावट आ रही है, जिसमें उत्तरी अमेरिकी कैरिबू सबसे अधिक जोखिम में हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यदि उत्सर्जन में कमी और संरक्षण के प्रयासों में महत्वपूर्ण कमी नहीं आई तो 2100 तक कैरिबू की संख्या में 80% की कमी आ जाएगी। यह गिरावट, पिछली जलवायु घटनाओं और भविष्य के अनुमानों के अध्ययन पर आधारित है, जिससे व्यापक पारिस्थितिक परिणाम होंगे, आर्कटिक मिट्टी में टुंड्रा पादप विविधता और कार्बन भंडारण को प्रभावित करेगा। इस अध्ययन में जीवाश्म डेटा, प्राचीन डीएनए और कंप्यूटर मॉडल का संयोजन करके ये अनुमान लगाए गए हैं।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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