शोधकर्ताओं ने बादल के शीर्ष पर बिजली के निर्माण की व्याख्या करने वाला एक नया गणितीय मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल गरज के बादलों के भीतर इलेक्ट्रॉनों के त्वरण का अनुकरण करता है, जिससे एक्स-रे, इलेक्ट्रॉन और उच्च-ऊर्जा फोटॉन उत्पन्न होते हैं, जो अंततः बिजली गिरने में परिणत होते हैं। क्षेत्रीय अवलोकनों के विरुद्ध मान्य किए गए इस मॉडल में बिजली की तीव्रता में परिवर्तनशीलता और 'ऑप्टिकली डिम' टीजीएफ की घटना को समझाया गया है। शोध इस बिजली तंत्र के आधार पर नए एक्स-रे स्रोतों की संभावना का सुझाव देता है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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