तुर्की ने अपनी वायु सेना और क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए यूके और जर्मनी के साथ 40 यूरोफाइटर टाइफून जेट खरीदने के लिए 5.6 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कई वर्षों की बातचीत के बाद हुआ है, जिसमें जर्मनी शुरू में तुर्की की विदेश नीति के कारण हिचकिचा रहा था। हाल ही में हुए इज़राइल-हमास युद्ध से प्रेरित इस समझौते से नाटो सहयोग मजबूत हुआ है, लेकिन इज़राइल में चिंताएँ भी पैदा हुई हैं, जिसे तुर्की की बढ़ती सैन्य शक्ति का डर है। तुर्की अपने स्वयं के पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का भी पीछा कर रहा है और अमेरिका से F-35 को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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