रूस की तेल कंपनी रोसनेफ्ट ने भारत की नायरा एनर्जी रिफाइनरी में अपनी हिस्सेदारी के संदर्भ में यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों को "अनुचित और अवैध" करार दिया है। यूक्रेन पर हमले के बाद रूस के तेल व्यापार को निशाना बनाने वाले यूरोपीय संघ के 18वें पैकेज के हिस्से के रूप में ये प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य रूस के ऊर्जा राजस्व में कमी लाना है। रोसनेफ्ट की नायरा एनर्जी में 49.13% हिस्सेदारी है, जो रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती रही है। यूरोपीय संघ की यह कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक रूस की पहुंच को सीमित करके उस पर दबाव बनाने के इरादे से की गई है।
Prepared by Christopher Adams and reviewed by editorial team.
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