भारत की रियायती रूसी तेल पर निर्भरता के परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यदि 2 सितंबर तक युद्धविराम नहीं होता है, तो अमेरिका ने रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर द्वितीयक प्रतिबंध और टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यूरोपीय संघ ने हाल ही में 18वां प्रतिबंध पैकेज लगाया है, जिसमें रूसी तेल पर कीमतों में कमी, रूस के तेल टैंकर बेड़े और भारत में एक रिफाइनरी को निशाना बनाना शामिल है। भारत, जो अब रूस का सबसे बड़ा तेल आयातक है, इस बात पर जोर देता है कि उसने अपने स्रोतों में विविधता लाई है, लेकिन संभावित प्रतिबंधों से इसकी अर्थव्यवस्था और रूस के युद्ध प्रयासों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
Prepared by Christopher Adams and reviewed by editorial team.
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