नाटो सहयोगियों ने 2035 तक अपने सकल घरेलू उत्पाद का 5% तक रक्षा व्यय बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे अमेरिका को हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर, विशेष रूप से चीन का मुकाबला करने पर फिर से ध्यान केंद्रित करने की अनुमति मिलती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यूरोप की आंतरिक चुनौतियों और अमेरिकी लॉजिस्टिकल समर्थन पर निर्भरता के कारण यह बदलाव धीरे-धीरे होगा। बढ़ा हुआ यूरोपीय रक्षा व्यय अमेरिकी सेना पर कुछ दबाव कम करने का लक्ष्य रखता है, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित करना संभव हो सकेगा।
Prepared by Rachel Morgan and reviewed by editorial team.
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