एक नए लैंसेट अध्ययन से पता चलता है कि पिछले दो दशकों में बचपन के टीकाकरण कवरेज में ठहराव आया है, जिससे लाखों बच्चे रोके जा सकने वाले रोगों के प्रति असुरक्षित हो गए हैं। कोविड -19 महामारी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया, जिसके परिणामस्वरूप विश्व स्तर पर काफी अधिक बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया। पाकिस्तान को दक्षिण एशिया में भारत के बाद शून्य टीका खुराक वाले बच्चों की संख्या में दूसरे स्थान पर होने के रूप में उजागर किया गया है। अध्ययन में 2030 के टीकाकरण लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बेहतर समानता और टीकाकरण अनिच्छा से निपटने के लिए अधिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। चुनौतियों में जनसंख्या वृद्धि और तनावग्रस्त स्वास्थ्य प्रणाली शामिल हैं।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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