नए शोध से पता चलता है कि शुक्र ग्रह के पैनकेक गुंबद, विशाल ज्वालामुखीय संरचनाएँ, केवल अति-घने, श्यान लावा से ही नहीं, बल्कि ग्रह के लचीले स्थलमंडल से भी बनते हैं। 90 मील चौड़े नरीना थोलस गुंबद के मॉडलिंग पर किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि गुंबदों के सपाट शीर्ष और खड़े किनारों को बनाने में क्रस्टल विक्षेपण महत्वपूर्ण है। लचीली पपड़ी के साथ लावा की परस्पर क्रिया के कारण यह जमा हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप विशिष्ट पैनकेक आकार बनता है। शुक्र ग्रह के भविष्य के मिशन इस सिद्धांत का परीक्षण अन्य ज्वालामुखीय विशेषताओं पर करेंगे, संभावित रूप से ग्रह के भूवैज्ञानिक इतिहास और पृथ्वी से इसके विचलन की हमारी समझ को फिर से आकार देंगे।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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