ट्रम्प के टैक्स बिल और व्यापार युद्ध के कारण अमेरिकी सार्वजनिक वित्त को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं, जिससे निवेशक अपने बॉन्ड पोर्टफोलियो में विविधता ला रहे हैं। अमेरिका का बढ़ता हुआ घाटा और डॉलर का कमजोर होना अमेरिकी ऋण बाजारों के आकर्षण को कम कर रहा है, जिससे निवेशक मजबूत प्रतिफल देने वाले यूरोपीय, जापानी और ऑस्ट्रेलियाई बाजारों की ओर बढ़ रहे हैं। डॉलर दुनिया की आरक्षित मुद्रा बना हुआ है, लेकिन इस उथल-पुथल से अंतर्राष्ट्रीय आवंटन की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अमेरिकी घाटा और बढ़ेगा और ट्रेजरी प्रतिफल भी बढ़ेगा, जिससे विविधीकरण की प्रवृत्ति और तेज होगी।
Prepared by Christopher Adams and reviewed by editorial team.
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