एक हालिया अध्ययन से पता चलता है कि वैश्विक समुद्री जल स्तर में 1.5 करोड़ से 6 करोड़ वर्ष पहले लगभग 30 मीटर की महत्वपूर्ण गिरावट आई थी। इसका कारण समुद्री क्रस्ट उत्पादन में 35% की कमी थी, जिससे समुद्र तल का फैलाव और बेसिन गहराई में मंदी आई। इस मंदी से जुड़ी ज्वालामुखी गतिविधि में कमी ने वैश्विक शीतलन और समुद्री जल स्तर में और कमी में योगदान दिया, संभवतः अतिरिक्त 60 मीटर तक। तटीय जमा से भूगर्भीय आंकड़ों द्वारा समर्थित इस शोध में टेक्टॉनिक गतिविधि, जलवायु और पृथ्वी के इतिहास में समुद्री जल स्तर में परिवर्तन के अंतर्संबंध को उजागर किया गया है, जो आधुनिक जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए मूल्यवान संदर्भ प्रदान करता है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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