डब्ल्यूएचओ के सदस्य देशों ने महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया में सुधार के उद्देश्य से एक नए समझौते को मंज़ूरी दी। तीन साल की बहस के बाद बने इस समझौते से यह सुनिश्चित होता है कि वायरस के नमूने साझा करने वाले देशों को चिकित्सा संसाधन मिलेंगे, जिसमें ग़रीब देशों की मदद के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा 20% तक आवंटित किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेबरेयसस ने इसे ऐतिहासिक बताया है, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका की अनुपस्थिति और प्रवर्तन तंत्र के अभाव के कारण इस समझौते की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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