हाल ही में वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन के एक अध्ययन से पता चला है कि मध्य मिसिसिपी घाटी में चार दिनों तक चले भीषण तूफ़ान ने कम से कम 15 लोगों की जान ले ली और अरबों डॉलर का नुकसान किया, और जलवायु परिवर्तन ने इस तूफ़ान की संभावना और तीव्रता को काफी बढ़ा दिया। अध्ययन में पाया गया कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन से वर्षा की तीव्रता में 9% और इसकी संभावना में 40% की वृद्धि हुई। जलवायु परिवर्तन से और भी ज़्यादा गर्म हुए मैक्सिको की खाड़ी के पानी ने इस तूफ़ान को और भी भयानक बना दिया। जबकि राष्ट्रीय मौसम सेवा की शुरुआती चेतावनियों से जानें बच गईं, लेकिन अध्ययन में बजट में कटौती के कारण एजेंसी के कम कर्मचारियों पर प्रकाश डाला गया है, जिससे भविष्य में आपदा प्रतिक्रिया खतरे में पड़ सकती है। अगर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएँ और अधिक बार और तीव्र होने की उम्मीद है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
Comments