राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा ऑटोमोटिव टैरिफ़ में की गई कमी से कीमतों में वृद्धि में कमी आएगी, लेकिन पूरी तरह से रोक नहीं पाएगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कारों की कीमतें बढ़ेंगी, खासकर उन मॉडलों की जिनमें आयातित पुर्जों का प्रतिशत अधिक है। टेस्ला जैसे घरेलू ब्रांडों पर कम असर पड़ने की उम्मीद है, जबकि मज़्दा और हुंडई जैसे आयातित पुर्जों के उच्च प्रतिशत वाले ब्रांडों को कीमतों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ेगा। अल्पकालिक टैरिफ़ राहत से लॉबिंग और आर्थिक अनिश्चितता में वृद्धि हो सकती है, जिसका बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
Prepared by Christopher Adams and reviewed by editorial team.
Comments