कार्डिफ और स्वान्सी विश्वविद्यालयों के शोध से मनोरोगियों का एक स्पष्ट संकेत सामने आया है: भयावह चित्रों को देखते समय पुतलियों का फैलाव न होना। मनोरोगी अपराधियों की पुतलियाँ जब उन्हें भयानक तस्वीरें दिखाई गईं, तब अपरिवर्तित रहीं, जबकि गैर-मनोरोगी व्यक्तियों की पुतलियाँ फैल गईं। यह "मनोरोगी निगाह" खतरनाक उत्तेजनाओं के प्रति संवेदनशीलता की कमी को इंगित करती है, न कि सामान्य भावनात्मक कमी को। इस अध्ययन में इस भावनात्मक कमी के उद्देश्य से शारीरिक प्रमाण प्रदान करने के लिए गैर-आक्रामक तरीकों का उपयोग किया गया, जो भविष्य के नैदानिक आकलन और हस्तक्षेपों में सहायता कर सकता है।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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