एक नए अध्ययन से पता चलता है कि कार्बोनेसियस चॉन्ड्राइट उल्कापिंड, जो सौर मंडल की शुरुआती अवस्था को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं, पृथ्वी पर दुर्लभ क्यों हैं। शोधकर्ताओं ने वैश्विक उल्का अवलोकन नेटवर्क के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें पाया गया कि सौर ताप इन कमजोर, जल-समृद्ध क्षुद्रग्रहों को अंतरिक्ष में ही तोड़ देता है, इससे पहले कि वे पृथ्वी के वायुमंडल में पहुँचें। केवल एक छोटा सा अंश ही वायुमंडलीय प्रवेश से बच पाता है, जिससे अपेक्षित और देखे गए कार्बोनेसियस उल्कापिंडों की संख्या में विसंगति की व्याख्या होती है। इस शोध में OSIRIS-REx और Hayabusa2 जैसे मिशनों से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया गया है, जो तुलना के लिए प्राचीन नमूने प्रदान करते हैं।
Prepared by Olivia Bennett and reviewed by editorial team.
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